नेशनल डेस्कः भारत कृषि और डेयरी क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। पोल्ट्री सेक्टर में भी देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अंडा उत्पादन के मामले में भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन चुका है। वर्ष 2024-25 के दौरान देश में 149.11 अरब अंडों का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.44% अधिक है।
PIB द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में प्रति व्यक्ति अंडों की वार्षिक उपलब्धता 62 थी, जो बढ़कर 2024-25 में 106 नग प्रति वर्ष हो गई है। उत्पादन के साथ-साथ भारत का अंडा निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है।
इन 5 देशों में भारतीय अंडों की सबसे ज्यादा मांग
भारत से अंडों का निर्यात तेजी से बढ़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अंडों के प्रमुख आयातक देशों में ओमान, मालदीव, श्रीलंका, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
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वर्ष 2024 में ओमान ने भारत से लगभग 28.6 मिलियन डॉलर के अंडों का आयात किया।
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मालदीव और श्रीलंका ने करीब 14.7 मिलियन डॉलर के अंडे खरीदे।
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कतर और UAE को 8.6 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के अंडों का निर्यात किया गया।
इन 5 राज्यों में होता है सबसे ज्यादा अंडा उत्पादन
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आंध्र प्रदेश कुल उत्पादन में 18.37% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है।
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तमिलनाडु 15.63% योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है।
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तेलंगाना 12.98% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है।
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पश्चिम बंगाल 10.72% योगदान देकर चौथे स्थान पर है।
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कर्नाटक 6.67% हिस्सेदारी के साथ पांचवें स्थान पर है।
ये पांचों राज्य मिलकर देश के कुल अंडा उत्पादन में 64.37% योगदान देते हैं, जो पोल्ट्री उद्योग में उनकी मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
कैसा रहा पोल्ट्री सेक्टर का प्रदर्शन?
देश में उत्पादित कुल अंडों में से 125.98 अरब अंडे व्यावसायिक पोल्ट्री फार्मों से प्राप्त हुए, जो राष्ट्रीय उत्पादन का 84.49% है। वहीं, घरेलू या बैकयार्ड पोल्ट्री से 23.13 अरब अंडों का उत्पादन हुआ, जिसकी हिस्सेदारी कुल उत्पादन में 15.51% रही।

