संयुक्त राष्ट्र : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लैटिन अमरीका और कैरिबियन देशों को भरोसा दिलाया कि आर्थिक शक्ति के रूप में भारत का उभरना ‘ग्लोबल साउथ’ की साझा समृद्धि में योगदान देने की उसकी क्षमता बढ़ाता है। उन्होंने सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों से कहा कि पिछले दशक में भारत की जीडीपी दोगुनी से अधिक हुई है और विकास दर मजबूत बनी हुई है। जयशंकर ने भारत की बढ़ती मानव संसाधन क्षमता, बाजार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वैश्विक विकास और ‘ग्लोबल साउथ’ के साझेदारों के लिए योगदान की क्षमता मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत का जुड़ाव संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से नहीं, बल्कि एकजुटता और साझा समृद्धि की प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उन्होंने जमैका में हरिकेन मेलिसा और वेनेजुएला में आए भूकंप के दौरान भारत की मदद, कैरिबियन में विकास कार्यक्रमों के समर्थन और लैटिन अमरीका देशों को दवाइयों की आपूर्ति का भी उल्लेख किया।
जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ 33 सदस्यीय सीईएलएसी की बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में स्वास्थ्य एवं फार्मा, खाद्य एवं कृषि, ऊर्जा, छोटे-मध्यम उद्यमों और डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग पर सहमति बनी। उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, सीडीआरआई, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन लाइफ जैसी भारत की पहलों के समर्थन का भी जिक्र किया।

