Site icon Dainik Savera Times

असम हनी एक्सपोर्ट और भारत-कनाडा CEPA बातचीत में प्रगति, पीयूष गोयल ने बताई सरकार की सफलता

India-Canada CEPA Progress

India-Canada CEPA Progress

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को पिछले 10 दिनों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को हाईलाइट करते हुए कहा कि इस दौरान निर्यात बढ़ाने, मुक्त व्यापार समझौतों (एटीए) को आगे बढ़ाने और वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश वार्ता को लेकर अहम प्रगति हुई है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि असम की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत पहली बार शहद का निर्यात अमेरिका को किया गया है। साथ ही भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर दूसरे दौर की बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हुई।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस दौरान भारत में निवेश को लेकर एयरबस, एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच के साथ बातचीत हुई है।

ये भी पढ़ें : https://dainiksaveratimes.com/business/india-gdp-forecast-fy27/

पीयूष गोयल के अनुसार, सरकार ने एफटीए की प्रगति, निर्यात प्रोत्साहन रणनीतियों और भारतीय कृषि एवं मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने के लिए सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (एसपीएस) मंजूरियों की समीक्षा भी की।

इससे पहले महीने में, वाणिज्य मंत्रालय ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के समर्थन से ओडीओपीडी पहल के तहत असम के बक्सा जिले से अमेरिका को 20 मीट्रिक टन शहद के पहले निर्यात का ऐलान किया था।

सरकार के अनुसार, इस पहल से स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए आय के अवसरों में सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही आकांक्षी जिलों से वैल्यू एडेड कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, भारत और कनाडा ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित दूसरे दौर की सीईपीए वार्ता को पूरा किया।

साथ ही, दोनों देशों के बीच सीईपीए वार्ता का अगला दौर जुलाई 2026 में ओटावा में आयोजित होने वाला है।

गोयल ने बताया कि उन्होंने एलवीएमएच और लोरियल ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत से सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के विस्तार पर चर्चा की।

एमवीएमएच के साथ हुई चर्चा में भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने, स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया गया, जबकि लोरियल के साथ हुई बातचीत में कंपनी की हैदराबाद में हाल ही में की गई निवेश योजनाओं के बाद भारत के सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल क्षेत्र में अवसरों का पता लगाया गया।

Exit mobile version