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1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: विदेश मंत्रालय

India energy security priority

India energy security priority

भारत सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके साथ ही ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जो बाजार की परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखकर तय की जाती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली में हुई साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार कई बार सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर चुकी है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखना सर्वोपरि है। इसके लिए वस्तुनिष्ठ बाजार हालात और वैश्विक परिवेश के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में बदलाव और विविधता जरूरी है। भारत के फैसले इसी सोच के साथ लिए जाते हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।

वेनेजुएला के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों पर सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि यह दक्षिण अमेरिकी देश लंबे समय से कच्चे तेल, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भारत का अहम भागीदार रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत, वेनेजुएला समेत किसी भी कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता के विकल्पों की व्यावसायिक व्यवहार्यता पर विचार करने को तैयार है।

उन्होंने बताया कि भारत 2019-20 तक वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात करता रहा, लेकिन बाद में इसे रोकना पड़ा। इसके बाद 2023-24 में दोबारा तेल खरीद शुरू की गई, हालांकि प्रतिबंधों के फिर से लागू होने के चलते इसे एक बार फिर रोकना पड़ा।

रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ साझेदारी की है और भारतीय पीएसयू वर्ष 2008 से वहां सक्रिय हैं। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपने रुख के अनुरूप भारत, वेनेजुएला सहित सभी संभावित आपूर्तिकर्ताओं के साथ व्यावसायिक लाभों की संभावनाएं तलाशने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि दोनों देश साझा दृष्टिकोण के साथ आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमत हुए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क जैसे तमाम क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा व व्यापक बनाने पर सहमति जताई है।

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