Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल, भारत 723.774 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर

February 6, 2026

विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल, भारत 723.774 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में देश का फॉरेक्स रिजर्व 14.361 अरब डॉलर बढ़कर 723.774 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया।

इससे एक हफ्ते पहले भी विदेशी मुद्रा भंडार में 8.053 अरब डॉलर की बढ़त दर्ज की गई थी। हालिया उछाल की बड़ी वजह सोने की कीमतों में तेजी मानी जा रही है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 14.595 अरब डॉलर की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 137.683 अरब डॉलर हो गई। वहीं, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा माने जाने वाले फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में हल्की गिरावट देखी गई। एफसीए की वैल्यू 49.3 करोड़ डॉलर घटकर 562.392 अरब डॉलर रह गई। एफसीए में डॉलर के अलावा येन, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिन्हें डॉलर के हिसाब से आंका जाता है।

इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) की वैल्यू 21.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.953 अरब डॉलर हो गई है। वहीं, आरबीआई में भारत की रिजर्व पोजिशन भी 4.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.746 अरब डॉलर पर पहुंच गई।

किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक मजबूती का अहम संकेतक माना जाता है। यह न सिर्फ देश की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को संभालने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।

अगर किसी समय डॉलर के मुकाबले रुपये पर ज्यादा दबाव बनता है और उसकी कीमत गिरने लगती है, तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर स्थिति को संभाल सकता है और रुपये को स्थिर रखने की कोशिश करता है।

बढ़ता हुआ फॉरेक्स रिजर्व यह भी दिखाता है कि देश में विदेशी मुद्रा की आवक मजबूत बनी हुई है। इससे अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है, क्योंकि मजबूत भंडार के साथ वैश्विक लेनदेन करना आसान हो जाता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें