नयी दिल्ली: भारत में उद्यमशीलता और स्टार्टअप परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है, जिसने भारत को अमेरिका और चीन के बाद दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप पारितंत्र में बदल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक यूनिकॉर्न को उभरते देखा है। वित्त वर्ष 2022 तक 40 हजार से अधिक सक्रिय स्टार्टअप के साथ इसका प्रभाव बहुत गहरा और व्यापक रहा है।
टीआईई दिल्ली-एनसीआर के दिल्ली चैप्टर के सहयोग से बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) ने द्वारा इसको लेकर जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। पिछले दशक में कई अंतिम चरण की कंपनियां प्रतिष्ठित ‘हॉकी स्टिक कर्व’ की तरह कामयाब रहीं, जबकि तेजी से बढ़ने की कोशिशों के बीच कई और असफल भी रहीं।
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