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भारत के होटल निवेश में बड़ी तेजी, 2025 में करीब 70% की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

India Hotel Investment Growth

India Hotel Investment Growth

सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में वर्ष 2025 के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली, जिसमें 28 सौदों के जरिए होटल निवेश करीब 56.7 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 67 प्रतिशत अधिक रहा।

कमर्शियल रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म जेएलएल की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल निवेश में संस्थागत पूंजी और प्राइवेट इक्विटी की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत रही।

इसके अलावा, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और फैमिली ऑफिस ने 27 प्रतिशत योगदान दिया, जबकि सूचीबद्ध होटल कंपनियों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत रही। इससे यह संकेत मिलता है कि होटल सेक्टर में निवेश के स्रोत अब पहले की तुलना में अधिक विविध और मजबूत हो रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों ने कुल निवेश का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। वहीं, ब्रांडेड होटल साइनिंग्स में 71 प्रतिशत हिस्सेदारी उभरते शहरों की रही।

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इन शहरों में कई प्रीमियम प्रॉपर्टी शामिल रहीं, जिनमें ऋषिकेश के लक्जरी रिसॉर्ट, गोवा की अपर-अपस्केल प्रॉपर्टी और लुधियाना, नासिक, वडोदरा, उदयपुर और लोनावला जैसे शहरों में अपस्केल और मिड-स्केल होटल शामिल हैं।

लक्जरी और अपस्केल होटल सेगमेंट सबसे ज्यादा सक्रिय रहे। कुल सौदों में लक्जरी होटल्स की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत और अपस्केल होटल्स की 41 प्रतिशत रही। वहीं, 69 प्रतिशत डील्स ऐसे होटलों से जुड़ी थीं, जो पहले से संचालन में थे और आय दे रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार की विभिन्न पहलें भी होटल निवेश के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही हैं, जिनमें एयरपोर्ट्स पर भूमि मुद्रीकरण और सरकार द्वारा कराई जा रही नीलामियां शामिल हैं।

इन रणनीतिक क्षेत्रों में यशोभूमि (आईआईसीसी), हैदराबाद के नियोपोलिस, चेन्नई के फिनटेक सिटी और नोएडा के जेवर हवाई अड्डे जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।

जेएलएल इंडिया के होटल्स और एशिया होटल्स कैपिटल मार्केट्स के वरिष्ठ निदेशक गौरव शर्मा ने कहा कि भारत का होटल निवेश बाजार अब निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत बाजार क्षमता को दिखा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि संस्थागत और घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के कारण सौदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही, बड़े शहरों से बाहर भी होटल विस्तार का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली होटल संपत्तियों की उपलब्धता सीमित हो गई है, जिससे निवेशकों के बीच अच्छी गुणवत्ता वाले होटलों की मांग ज्यादा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में भी तेजी बनी रही। इस दौरान होटल निवेश करीब 18.5 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 11.7 करोड़ डॉलर की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि सरकार की सहायक नीतियां, भूमि मुद्रीकरण योजनाएं और पर्यटन से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास आने वाले समय में होटल निवेश के नए अवसर पैदा करेंगे।

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