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औद्योगिक उत्पादन में सुधार के संकेत, फरवरी में भारत का पीएमआई तीन महीने के शिखर पर

India PMI Three Month High

India PMI Three Month High

फरवरी में भारत की आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है। HSBC फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा के अनुसार, समग्र पीएमआई तीन महीने के उच्चतम स्तर 59.3 पर पहुंच गया, जो जनवरी में 58.4 था। यह आंकड़े S&P Global द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण पर आधारित हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह फैक्ट्री उत्पादन में आई तेजी रही, जबकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि लगभग स्थिर बनी रही।

एचएसबीसी में भारत की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि मजबूत उत्पादन और नए घरेलू ऑर्डरों के चलते फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्पष्ट सुधार देखा गया। उन्होंने यह भी बताया कि बढ़ती महंगाई के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों में भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में कुल नए ऑर्डरों और अंतरराष्ट्रीय मांग में तेज वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कंपनियों ने उत्पादन बढ़ाने के साथ अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती भी की। विशेष रूप से वस्तु उत्पादन कंपनियों में बिक्री वृद्धि सेवा क्षेत्र की तुलना में अधिक मजबूत रही।

हालांकि, सेवा क्षेत्र की वृद्धि 13 महीनों के निचले स्तर पर रही, जिसका कारण प्रतिस्पर्धा और सस्ती सेवाओं की उपलब्धता को माना गया। इसके बावजूद निर्यात ऑर्डरों में अगस्त 2025 के बाद सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।

सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद बढ़ाई, जिससे इनपुट खरीद चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के कारण विक्रेताओं का प्रदर्शन बेहतर रहा और कंपनियां अपने स्टॉक स्तर को मजबूत कर सकीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग, स्थानीय पर्यटन और बढ़ती ग्राहक पूछताछ के चलते आने वाले महीनों में भी आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता बनी रह सकती है, हालांकि महंगाई का दबाव एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है।

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