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भारत का सर्विस सेक्टर तेज रफ्तार में, 2035 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद

India service sector growth to $6 trillion by 2035

India service sector growth to $6 trillion by 2035

भारत का सर्विस सेक्टर, जो वर्तमान में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 2.2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे रहा है, 2035 तक बढ़कर लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान इस सेक्टर की औसत सालाना वृद्धि दर (सीएजीआर) करीब 10.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

ओमनीसाइंस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेज वृद्धि के कारण जीडीपी में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि वर्तमान में यह जीडीपी का लगभग 55 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे अहम होगी। इससे करीब 6 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा आर्थिक अवसर पैदा होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विस सेक्टर भारत की ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा है। इस सेक्टर ने पिछले 10 साल में 10 प्रतिशत से ज्यादा की सीएजीआर और पिछले 3 साल में 13.5 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज की है, जो अन्य सेक्टरों से ज्यादा है।

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सर्विस सेक्टर के भीतर फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज ने सबसे तेज ग्रोथ दिखाई है, जहां 10 साल की सीएजीआर 11.3 प्रतिशत और 3 साल की ग्रोथ 14 प्रतिशत रही है।

इसके अलावा पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सेवाओं में भी लगातार डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है, जो सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत का सर्विस पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) अब ज्यादा मजबूत स्थिति में है। यह 2015-2020 के दौरान 50-55 के स्तर से बढ़कर हाल के वर्षों में 55-60 के बीच पहुंच गया है, जो सर्विस गतिविधियों में लगातार मजबूती का संकेत है।

वैश्विक स्तर पर भी भारत का सर्विस एक्सपोर्ट में हिस्सा 2005 के 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 4.3 प्रतिशत हो गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बैंक देश में कैपेक्स (पूंजी निवेश) को फंड कर रहे हैं, जबकि लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2035 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर के अवसर की ओर बढ़ रहा है।

आईटी सर्विस सेक्टर में अल्पकालिक दबाव के बावजूद लंबी अवधि में मजबूती बनी हुई है, वहीं प्रोफेशनल और कमर्शियल सर्विसेज को बिजनेस के डिजिटल और संगठित होने से फायदा मिल रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में सर्विस सेक्टर से जुड़ी 470 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनका मार्केट कैप 800 करोड़ रुपए से ज्यादा है और जिनका संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 197 ट्रिलियन रुपए है।

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