भारत-अमेरिका ट्रेड डील का अंतरिम ढांचा सामने आ गया है, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों के लिए नए बाजार और बेहतर मौके खुलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस अंतरिम व्यवस्था के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे खास तौर पर टेक्सटाइल, लेदर और इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर को फायदा मिलेगा।
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा के मुताबिक, दोतरफा व्यापार को बढ़ाने और एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की नींव रखने के लिए चल रही बातचीत में इस ढांचे पर सहमति बनी है।
समझौते के तहत अमेरिका भारतीय मूल के कई उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू करेगा। इनमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा व जूते, प्लास्टिक-रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
जुनेजा ने यह भी कहा कि यदि अंतरिम समझौते को सफलतापूर्वक लागू कर अंतिम रूप दिया जाता है, तो जेनेरिक दवाओं, रत्न-हीरे और विमान पुर्जों जैसी चुनिंदा भारतीय निर्यात श्रेणियों पर टैरिफ पूरी तरह हटाए जाने की संभावना है।
इसके अलावा अमेरिका इस्पात, एल्युमीनियम और तांबा से जुड़े उपायों के तहत भारतीय विमानों और उनके पुर्जों पर लगाए गए कुछ राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क भी हटाएगा।
टैरिफ में कटौती से भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच आसान होगी। वहीं, रत्न और आभूषण क्षेत्र में कटिंग-पॉलिशिंग उद्योग को निर्यात बढ़ने और बेहतर मुनाफे की उम्मीद है।
विमान और उनके पुर्जों पर शुल्क हटने से भारत के उभरते एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सेक्टर के साथ-साथ कंपोनेंट सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।
पीएचडीसीसीआई का कहना है कि कम पारस्परिक टैरिफ से अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ा और परिधान निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, खासकर श्रम-प्रधान उद्योगों में।
व्यापारिक बाधाएं कम होने से औद्योगिक मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स और धातु उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, ऑर्गेनिक केमिकल्स, प्लास्टिक और रबर उत्पादों को बेहतर कीमत प्रतिस्पर्धा और ज्यादा बाजार पहुंच का फायदा मिलेगा।
बेहतर टैरिफ व्यवस्था और अमेरिकी उपभोक्ता बाजार तक स्थिर पहुंच से हस्तशिल्प, घरेलू सजावट और लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पादों के निर्यात में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि यह अंतरिम टैरिफ समझौता भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक अहम कदम है, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ेगी और एक स्थिर व व्यापक व्यापार ढांचा तैयार होगा।

