नई दिल्ली: केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के जियोजे में हनवा ओशन की विशाल शिपबिल्डिंग फैसिलिटी का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत सभी सैक्टर्स में मजबूत ग्रोथ और एनर्जी सैक्टर के साथ मिलकर पीएम मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की यात्र की ओर आगे बढ़ते हुए बड़े लैवल पर पार्टनरशिप और निवेश के अवसरों को पेश करता है।’
पुरी ने कहा कि कोरियाई शिपिंग कंपनियों के पास ज्ञान और क्षमता है वहीं, भारत के पास मांग, स्किल्ड मैनपावर और सही नीतियां हैं, जो भारत की मेक इन इंडिया पहल से जुड़ी हैं और इसे दोनों देशों के लिए एक बेहतरीन पार्टनरशिप में बदल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘यह एक सही समय है। साथ ही, शिप बनाने को लेकर हमारा आपसी सहयोग ग्लोबल डिमांड को पूरा करने को लेकर एक बेहतरीन उदाहरण पेश करेगा।
5 वर्षों में हम न केवल अपने वेसल की लागत वसूल कर लेंगे बल्कि भारत को एक ग्लोबल मैरीटाइम शिपिंग हब के रूप में भी स्थापित करेंगे।’ केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि भारत ने शिपबिल्डिंग एक्टिविटी में तेजी लाने के लिए मजबूत समर्थन उपाय शुरू किए हैं। इन उपायों में भारत में निर्मित जहाजों के लिए 15-25% कैपिटल सपोर्ट, शिप रिसाइक्लिंग के लिए 5% अतिरिक्त प्रोत्साहन, इक्विटी फाइनेंसिंग के लिए मरीन डिवैल्पमैंट फंड, 3% ब्याज अनुदान और ग्रीनफील्ड शिपयार्ड और क्लस्टरों के लिए इंफ्रास्ट्रर सपोर्ट शामिल है।