Last Updated: September 21, 2026

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मिडिल ईस्ट के चुनिंदा देशों से उड़ानों की वापसी, भारतीय एयरलाइंस ने शुरू की सीमित सेवाएं

March 6, 2026

मिडिल ईस्ट के चुनिंदा देशों से उड़ानों की वापसी, भारतीय एयरलाइंस ने शुरू की सीमित सेवाएं

इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट सहित घरेलू एयरलाइंस ने शुक्रवार से मध्य पूर्व से आने-जाने वाली सीमित उड़ान सेवाओं को धीरे-धीरे फिर से शुरू कर दिया है। हालांकि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से जुड़े हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण अब भी हजारों उड़ानें रद्द हैं।

इंडिगो ने बताया कि वह शुक्रवार को मध्य पूर्व के आठ गंतव्यों के लिए 17 उड़ानें (34 सेक्टर) संचालित करेगी और सरकार के साथ मिलकर सुरक्षित तरीके से सेवाएं पूरी तरह बहाल करने पर काम कर रही है।

कई रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों द्वारा सऊदी अरब और ओमान के हवाई क्षेत्र खुले होने की पुष्टि के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा और मस्कट से आने-जाने वाली उड़ानों को फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

स्पाइसजेट ने कहा कि वह 6 और 7 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत के लिए विशेष उड़ानें संचालित करेगी। इसके अलावा यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 8 मार्च को भी अतिरिक्त उड़ानें चलाई जाएंगी।

इंडिगो ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों की उड़ानें बुक हैं, उनसे एयरलाइन सीधे संपर्क करेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरलाइन से सूचना मिलने के बाद ही एयरपोर्ट जाएं।

एयर इंडिया ने 6 मार्च को दुबई, रास अल खैमाह और फुजैराह जैसे केंद्रों से विशेष प्रत्यावर्तन (रिपेट्रिएशन) उड़ानें चलाने की भी घोषणा की है। हालांकि इसके लिए नियामक मंजूरी जरूरी होगी।

एयरलाइन ने बताया कि पश्चिम एशिया के अन्य गंतव्यों के लिए निर्धारित उड़ान सेवाएं 10 मार्च तक स्थगित रहेंगी। वहीं जिन यात्रियों के टिकट 4 मार्च तक जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा 28 फरवरी से 8 मार्च के बीच की है, वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक महीने के भीतर अपनी यात्रा दोबारा शेड्यूल कर सकते हैं।

उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार को उड़ानों की आवाजाही पिछले दिन के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई और यह सामान्य स्तर के करीब 25 प्रतिशत तक पहुंच गई।

डेटा के अनुसार, 28 फरवरी से 5 मार्च के बीच मध्य पूर्व से आने-जाने वाली 44,000 से अधिक उड़ानें निर्धारित थीं, जिनमें से अब तक 25,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।

इस बीच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पहले ही बताया था कि वह एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है और फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है।

नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि वह एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में है और हवाई किरायों पर भी नजर रख रहा है ताकि इस अवधि के दौरान टिकट की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो।

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