वॉशिंगटन : अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह एस्सार ग्रुप आयोवा में 15 अरब अमरीकी डॉलर के निवेश से अमरीका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र बनाएगा। अमरीका के राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ में एस्सार ग्रुप के सह-संस्थापक रवि रुइया और उनके बेटे रेवंत की मौजूदगी में घोषणा की। ट्रंप ने कहा, आज हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेसाबी मेटालिक्स आयोवा राज्य में अमरीका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र बनाएगी।
एस्सार ग्रुप की कंपनी मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया ने अमरीका में चीजों के निर्माण के महत्व को वापस लाने के लिए ट्रंप का आभार जताया। नया इस्पात संयंत्र मेसाबी मेटालिक्स बना रही है, जो भारत के एस्सार ग्रुप के स्वामित्व वाली मिनेसोटा की कंपनी है। राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाऊस’ के एक अधिकारी ने बताया कि मेसाबी मेटालिक्स 2030 तक संयंत्र में उत्पादन शुरू करने के लक्ष्य के साथ इसका निर्माण कर रही है।
अधिकारी ने कहा कि इस संयंत्र में सालाना एक करोड़ टन इस्पात का उत्पादन होने और राज्य में 1,750 तक स्थायी रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह संयंत्र कंपनी द्वारा मिनेसोटा में 2.5 अरब अमरीकी डॉलर के निवेश से बनाई जा रही नई खदान से लौह अयस्क का इस्तेमाल करेगा। व्हाइट हाऊस के अधिकारी ने कहा कि इस खदान में सालाना करीब 75 लाख टन लौह अयस्क का उत्पादन होगा और राज्य में करीब 350 रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि यह 50 साल में अमरीका में शुरू होने वाली पहली नई लौह अयस्क खदान होगी।
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