Stock Market Update: एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने आज, मंगलवार को मजबूती दिखाई। बीते दिन की शानदार रिकवरी के बाद सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 76,835 के स्तर पर बना रहा, जबकि निफ्टी 23,950 से 23,990 के बीच सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में घबराहट वाली बिकवाली देखने को नहीं मिली।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट बनी सबसे बड़ी राहत
भारतीय बाजार को सबसे बड़ा समर्थन कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम एक ही दिन में करीब 8.7% तक लुढ़क गए, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत की स्थिति बनी। सस्ते तेल से आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।

आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
बाजार में आईटी सेक्टर की मजबूत चाल भी प्रमुख वजह रही। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भारतीय आईटी सेक्टर की रेटिंग ‘अंडरवेट’ से बढ़ाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसके बाद Infosys, TCS और Wipro जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। आईटी कंपनियों में तेजी ने बाजार को गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
एशियाई बाजारों में भारी दबाव
दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में माहौल कमजोर बना रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 7% से अधिक टूटकर कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। जापान का निक्केई 225 भी 4% से ज्यादा फिसला, जबकि टोपिक्स इंडेक्स में भी करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स में भी कमजोरी का रुख दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली का असर पूरे एशियाई बाजार पर देखने को मिला।
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले और बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स दबाव में रहे। डॉऊ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में वॉल स्ट्रीट पर मिश्रित प्रदर्शन देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में अस्थायी नरमी तथा तेल की कीमतों में गिरावट से डॉऊ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के चलते नैस्डैक कमजोर रहा। S&P 500 में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
लगातार नरम पड़ रहा है कच्चा तेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में कमजोरी का सिलसिला जारी है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) और ब्रेंट क्रूड दोनों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसे ऊर्जा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी के बावजूद यह हाल के उच्च स्तरों के करीब बना हुआ है। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है, जबकि बाजार की नजर अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक पर टिकी हुई है।
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आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला और कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और आईटी सेक्टर में खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार वैश्विक दबाव के बावजूद अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
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