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वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती

मुंबई : अमरीका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत मजबूती के साथ किया। इस सप्ताह के दौरान एनएसई निफ्टी 50 में 127.4 अंकों या 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 582.06 अंकों यानी 0.8 प्रतिशत की बढ़ौतरी हुई। वहीं हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जहां निफ्टी 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर और सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,151.45 पर बंद हुआ।

सप्ताह के दौरान निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बनी रही। अमरीकी सैंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उसने 12 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करने की क्षमता को कमजोर करना था। इस घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना रहा। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार को कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और सरकार की नीतिगत घोषणाओं से मजबूती मिली।

इस सप्ताह एचसीएल टैक्नोलॉजिज, टैक महिंद्रा, विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो फाइनांशियल सर्विसेज जैसी कई बड़ी कंपनियों ने अपनी पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। 15 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए (22 अरब डॉलर) की लागत वाली दो बड़ी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) योजनाओं को मंजूरी दी, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। इस सप्ताह इंडिया वीआईएक्स में 7.3% की बढ़ौतरी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांकों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया, वहीं व्यापक बाजार अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक सप्ताह के दौरान करीब 1% गिरावट के साथ बंद हुए। सैक्ट्रोल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी इस सप्ताह सबसे बड़ा विजेता रहा और इसमें 4.3% की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.1% और निफ्टी मीडिया 2.5 प्रतिशत मजबूत हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.5 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.1 प्रतिशत चढ़ा, जिसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का समर्थन मिला। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी सबसे कमजोर रहा और इसमें 2.1% की गिरावट आई।

निफ्टी मैटल 2%, निफ्टी इंडिया डिफैंस 1.5% प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.1% और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.8% फिसल गए। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सप्ताहभर में करीब 15.91% की तेजी आई और यह 88.10 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनियों के तिमाही नतीजों, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति (मैनेजमेंट गाइडेंस), मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

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