नई दिल्ली : इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) के सचिव एस. कृष्णन ने सैमीकॉन इंडिया 2026 के तीसरे दिन मुख्य फोकस वाले क्षेत्रों पर बात की। इनमें इन्वैस्टमैंट पॉलिसी में सहयोग और 240 घंटे के स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का विकास शामिल है। स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने पर इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) के सचिव एस कृष्णन ने कहा, यह एक तरीका है।
एक कंपनी ने इसे पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर आजमाया और फीडबैक दिया कि दूसरे देशों में इसी तरह की कोशिशों की तुलना में उन्हें भारत में कहीं अधिक सफलता मिली। इसलिए, हम सैमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर खास जोर देते हुए स्किल डिवैल्पमैंट के सभी पहलुओं को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा, चिप डिजाइन के क्षेत्र में पहले से ही बहुत सारे कुशल टैलेंट मौजूद हैं। दुनिया की सैमीकंडक्टर डिजाइन वर्कफोर्स का लगभग 20 फीसदी हिस्सा भारत से है। हमने डिजाइन टैलेंट पर काफी जोर दिया है और लगभग 85,000 डिजाइन इंजीनियरों को ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम चल रहा है।

