नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश से इलैक्ट्रॉनिक निर्यात 2025 में 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इस वर्ष 4 सैमीकंडक्टर संयंत्रों के उत्पादन शुरू होने के बाद इसमें और वृद्धि होने की उम्मीद है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, 2024-25 में इलैक्ट्रॉनिक उत्पादन लगभग 11.3 करोड़ रुपए तक पहुंच गया और निर्यात करीब 3.3 लाख करोड़ रुपए का रहा। वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी दी, ‘इलैक्ट्रॉनिक निर्यात 2025 में 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया जिससे रोजगार सृजित हुए और विदेशी मुद्रा हासिल हुई। 2026 में भी यह गति जारी रहेगी क्योंकि चार सैमीकंडक्टर संयंत्र व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर देंगे।’
देश के इलैक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में वर्तमान में मोबाइल फोन उद्योग का वर्चस्व है। उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार, इलैक्ट्रॉनिक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। मंत्री ने बताया कि भारत से आईफोन का निर्यात 2025 में 2.03 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह वर्ष 2024 में एप्पल द्वारा निर्यात किए गए 1.1 लाख करोड़ रुपए से करीब दोगुना है। मोबाइल विनिर्माताओं के उद्योग निकाय ‘इंडिया सैल्युलर एंड इलैक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन’ के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक देश में मोबाइल फोन का उत्पादन 75 अरब अमरीकी डॉलर (लगभग 6.76 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने की उम्मीद है।
इसमें 30 अरब अमरीकी डॉलर या करीब 2.7 लाख करोड़ रुपए का निर्यात शामिल होगा। देश में 2024-25 में 5.5 लाख करोड़ रुपए के मोबाइल फोन का उत्पादन हुआ और इस क्षेत्र से निर्यात लगभग दो लाख करोड़ रुपए का रहा। बाजार अनुसंधान एवं वेिषण कंपनी काऊंटरप्वाइंट के सह-संस्थापक तथा अनुसंधान उपाध्यक्ष नील शाह ने कहा कि चीन पर अमरीकी शुल्क के बाद अपने विनिर्माण का विस्तार करके और भारत से निर्यात को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाकर एप्पल, भारत की सफलता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है।

