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भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात सितंबर में घटकर 18.2 लाख बैरल प्रतिदिन पर

नई दिल्ली : भारत सितंबर में रूसी कच्चे तेल का दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार बना रहा, लेकिन चीन की ओर से खरीद बढ़ने और आपूर्ति सीमित होने के कारण साल के मध्य के उच्चस्तर से इसका आयात घट गया। कैप्लर के जहाजों की आवाजाही पर आधारित विश्लेषण में यह जानकारी दी गई है। कैप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने सितंबर में रूस से प्रतिदिन करीब 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जबकि चीन का आयात लगभग 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।

भारत का आयात जून में 26 लाख बैरल और जुलाई में 25.7 लाख बैरल प्रतिदिन था। इस तरह जुलाई के स्तर से सितंबर में इसमें करीब 29% की गिरावट आई। अगस्त में भारत ने प्रतिदिन 20.2 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल आयात किया था। कैप्लर के वरिष्ठ प्रबंधक (मॉडलिंग) सुमित रितोलिया ने कहा कि आयात में आई इस कमी को केवल अमरीका की शुल्क संबंधी धमकियों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात में हाल में आई कमी केवल अमरीकी शुल्क दबाव का नतीजा नहीं है। इसकी सीमित उपलब्धता और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। जहाजों की आवाजाही के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अक्तूबर में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात प्रतिदिन 18-19 लाख बैरल रहने का अनुमान है, जो सितंबर के स्तर के आसपास होगा।

कैप्लर ने कहा कि वेनेजुएला का कच्चा तेल भी इस साल भारत के आयात में फिर शामिल हुआ है। वेनेजुएला ने अगस्त में भारत को प्रतिदिन करीब 2.5 लाख बैरल और सितंबर में 2.57 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात किया। इसी अवधि में अमरीका को निर्यात क्रमशः लगभग 4.52 लाख बैरल और 5.63 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। भारत में पहुंचने के आधार पर देखें तो अगस्त में वेनेजुएला के कच्चे तेल का आयात करीब 2.87 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।

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