Site icon Dainik Savera Times

तेजी से आगे बढ़ रहा भारत का UPI, नए शुल्क से निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

नई दिल्ली : नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा संचालित यूपीआई लेनदेन की मात्रा के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई ने भारत में डिजीटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई लेनदेन बढ़कर 241.62 अरब हो गए, जो 2016-17 में 17.8 मिलियन थे। इसी अवधि में लेनदेन का मूल्य 7,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 3.14 लाख करोड़ रुपए हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई शुरू होने के एक दशक बाद सरकार बड़े व्यापारियों से इसके इस्तेमाल के लिए शुल्क लेने पर विचार कर रही है।

इससे प्रणाली की लागत की भरपाई और साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम तथा विवाद समाधान में निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यूपीआई अब सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया, ग्रीस और उज्बेकिस्तान समेत 11 देशों में काम कर रहा है। भारतीय पर्यटक और कारोबारी यात्री अपने भारतीय बैंक खातों से सीधे भुगतान कर सकते हैं।

Exit mobile version