मुंबई: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो पिछले एक हफ्ते से गंभीर संकट से जूझ रही है। लगातार सातवें दिन उड़ान सेवाओं में भारी अव्यवस्था के बीच एयरलाइन ने बीते दिन भी 450 से अधिक फ्लाइट्स रद्द कर दीं। इनमें से 250 से ज्यादा उड़ानें दिल्ली और बेंगलुरु रूट की थीं। डीजीसीए के नए निर्देशों का पालन न कर पाने की वजह से पैदा हुए इस संकट का सीधा असर सोमवार को कंपनी के शेयरों पर दिखा और निवेशकों को करारा झटका लगा।
8.28% की गिरावट के साथ बंद हुआ इंडिगो का शेयर
कारोबार के शुरुआती घंटों में इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बीएसई पर स्टॉक 5100.05 रुपये पर खुला और कुछ ही समय में करीब 10% टूटकर 4842.20 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। दिन भर के उतार–चढ़ाव के बाद इंडिगो का शेयर अंत में 8.28% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
दिन का इंट्राडे हाई 5205.05 रुपये रहा, जबकि गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1,90,455.79 करोड़ रुपये पर आ गया। इस गिरावट के बाद शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 6225.05 रुपये से काफी नीचे आ गया है। इसका 52-सप्ताह लो 3946.40 रुपये है।
7 दिनों में हजारों उड़ानें रद्द, यात्री बेहाल
इंडिगो पिछले कई दिनों से परिचालन में भारी अव्यवस्था से जूझ रहा है। नए नियम लागू होने के बाद एयरलाइन अपने संचालन को संतुलित नहीं कर पाई, जिसका असर सीधे उड़ानों पर पड़ा।
पिछले एक हफ्ते में इंडिगो हजारों फ्लाइट्स रद्द कर चुका है-
रविवार: 650 फ्लाइट्स रद्द
शनिवार: 800 से अधिक
शुक्रवार: 1000 से ज्यादा
इस स्थिति ने लाखों यात्रियों को मुश्किल में डाल दिया है। कई लोगों के जरूरी काम प्रभावित हुए और एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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DGCA ने CEO को जारी किया कारण बताओ नोटिस
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए डीजीसीए ने शनिवार को इंडिगो के सीईओ को कारण बताओ नोटिस भेजा है। नियामक ने कंपनी से सोमवार शाम 6 बजे तक जवाब मांगा है। एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इंडिगो की परिचालन क्षमता और शेयर बाजार के प्रदर्शन पर इसका और अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...