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Equity Mutual Funds में निवेश जून तिमाही में 5 गुना होकर 94,151 करोड़ रुपये पर पहुंचा 

नयी दिल्ली: इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश जून, 2024 में समाप्त तिमाही में पांच गुना होकर 94,151 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक साल पहले समान तिमाही में यह आंकड़ा 18,358 करोड़ रुपये था। मजबूत आर्थिक माहौल, सरकार की अनुकूल राजकोषीय नीतियां, निवेशकों का भरोसा और शेयर बाजारों में तेजी के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड को लेकर आकर्षण बढ़ा है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, जून में उद्योग के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) 59 प्रतिशत बढक़र 27.68 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो एक साल पहले 17.43 लाख करोड़ रुपये थीं। परिसंपत्ति आधार में मजबूत वृद्धि के साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड के निवेशकों की संख्या भी बढ़ी है। इस दौरान निवेशक आधार तीन करोड़ बढ़ा है और फोलियो की संख्या बढक़र 13.3 करोड़ हो गई है।

स्टॉक ट्रेडिंग मंच ट्रेडजिनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) त्रिवेश डी ने बताया कि इक्विटी फोलियो की संख्या में बढ़ोतरी से पता चलता है कि विभिन्न निवेशक खंडों में भागीदारी व्यापक हो रही है। इसकी वजह वित्तीय जागरूकता तथा निवेश मंचों तक सुगम पहुंच है।  एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड योजनाओं में जून, 2024 को समाप्त तिमाही में 94,151 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। अप्रैल में इन योजनाओं में 18,917 करोड़ रुपये, मई में 34,697 करोड़ रुपये और जून में 40,537 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश जून तिमाही में पांच गुना होकर 94,151 करोड़ रुपये हो गया। यह जून, 2023 को समाप्त तिमाही में 18,358 करोड़ रुपये था। मार्च, 2024 की पिछली तिमाही की तुलना में जून तिमाही में निवेश 32 प्रतिशत अधिक रहा है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 71,280 करोड़ रुपये रहा था। आनंद राठी वेल्थ के डिप्टी सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) फिरोज अजीज ने कहा कि मजबूत वृहद आर्थिक बुनियाद, बजटीय लक्ष्य से अधिक कर संग्रह, कम राजस्व व्यय और अधिक पूंजीगत व्यय जैसी सरकार की अनुकूल राजकोषीय नीतियों की वजह से इक्विटी म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।

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