नई दिल्ली: एप्पल ने एक बार फिर मार्किट में अपने दबदबे को कायम रखा है। 2025 की पहली तिमाही में लॉन्च किया गया iPhone 16 दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन बन गया है। काउंटरपॉइंट रिसर्च द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल हैंडसेट मॉडल सेल्स ट्रैकर के मुताबिक, इस सफलता ने iPhone बेस वेरिएंट की दो वर्षों बाद शीर्ष स्थान पर जोरदार वापसी को चिह्नित किया है।
यह उपलब्धि एप्पल के लिए खास मायने रखती है क्योंकि मार्च तिमाही में कंपनी ने लगातार पांचवीं बार टॉप-10 लिस्ट में अपनी जगह बनाए रखी है। iPhone 16 न केवल अमेरिका और यूरोप जैसे परंपरागत बाजारों में बल्कि जापान, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे विविध क्षेत्रों में भी अत्यधिक लोकप्रिय रहा।
-iPhone 16 सीरीज़ का दबदबा
iPhone 16 के साथ ही उसके प्रीमियम मॉडल्स—iPhone 16 Pro Max और iPhone 16 Pro—ने भी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहकर टॉप-3 की पूरी सूची पर एप्पल का कब्जा सुनिश्चित किया। यही नहीं, कंपनी के किफायती वेरिएंट iPhone 16e ने भी जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया। रिपोर्ट बताती है कि 16e, iPhone SE 2022 की तुलना में ज्यादा महंगा होने के बावजूद बेहतर बिक्री दर्ज कर रहा है, जो ग्राहकों के बीच एप्पल की ब्रांड विश्वसनीयता को दर्शाता है।
-सैमसंग की स्थिति में हल्का उतार-चढ़ाव
दूसरी ओर, सैमसंग का नवीनतम फ्लैगशिप Galaxy S25 Ultra इस तिमाही में सातवें स्थान पर खिसक गया, जबकि इसके पिछले संस्करण S24 Ultra ने 2024 की इसी अवधि में पांचवां स्थान हासिल किया था। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट आंशिक रूप से S25 Ultra की सीमित उपलब्धता और कम बिक्री अवधि के कारण हुई।
फिर भी, S25 सीरीज़ ने सैमसंग की कुल स्मार्टफोन बिक्री में लगभग 25% का योगदान दिया है, जो दर्शाता है कि फ्लैगशिप सेगमेंट में ब्रांड की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है।
-शाओमी की सिंगल एंट्री
टॉप-10 की सूची में शाओमी का Redmi 14C 4G इकलौता मॉडल था, जिसने एप्पल और सैमसंग के वर्चस्व के बीच अपनी जगह बनाई। इसकी सफलता से संकेत मिलता है कि बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में अब भी काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
-बाजार में स्थिरता के संकेत
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भले ही वैश्विक स्तर पर व्यापार टैरिफ को लेकर तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन स्मार्टफोन बाजार में टॉप-10 मॉडलों की हिस्सेदारी में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा। विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह स्थिरता 2025 की आगे की तिमाहियों में भी बनी रहेगी।
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