बिजनेस डेस्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी टूल्स ने दुनिया भर की टेक कंपनियों के काम करने का तरीका तेजी से बदल दिया है। इसी बदलाव के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के सह-संस्थापक Jack Dorsey की अगुवाई वाली फिनटेक कंपनी Block Layoffs ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने अपने लगभग आधे कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है, जिससे 4,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी प्रभावित होगी। डॉर्सी ने इसे कंपनी के इतिहास के सबसे कठिन फैसलों में से एक बताया है।
मुनाफे में होने के बावजूद क्यों लिया गया फैसला?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी किसी आर्थिक संकट से नहीं गुजर रही है। कंपनी का कारोबार मजबूत है, उसका सकल लाभ बढ़ रहा है और मुनाफे में भी लगातार सुधार हो रहा है। फिर भी छंटनी का कारण कंपनी की नई कार्यप्रणाली है। ब्लॉक ने अपने कामकाज में ‘इंटेलिजेंस टूल्स’ यानी एआई आधारित सिस्टम को बड़े पैमाने पर लागू किया है। इन टूल्स की मदद से अब छोटी टीमें भी पहले से ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से काम कर पा रही हैं। कंपनी का कहना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग से कम लोगों में भी ज्यादा काम संभव हो गया है। छंटनी के बाद कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 10,000 से घटकर 6,000 से कम रह जाएगी।
कर्मचारियों के लिए क्या व्यवस्था की गई?
कंपनी ने कहा है कि बार-बार छोटी-छोटी छंटनी करने से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है और ग्राहकों का भरोसा भी कमजोर होता है। इसलिए एकमुश्त फैसला लिया गया। प्रभावित कर्मचारियों के लिए कंपनी ने विस्तृत सेवरेंस पैकेज की घोषणा की है…
20 हफ्तों का वेतन दिया जाएगा।
सेवा के हर एक साल के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का वेतन मिलेगा।
मई के अंत तक की वेस्टेड इक्विटी प्रदान की जाएगी।
छह महीने तक स्वास्थ्य सुविधाएं जारी रहेंगी।
कर्मचारी अपने ऑफिस के डिवाइस अपने पास रख सकेंगे।
नई नौकरी खोजने और ट्रांजिशन में मदद के लिए 5,000 डॉलर की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
अमेरिका के बाहर काम करने वालों को भी स्थानीय नियमों के अनुसार समान सहायता मिलेगी।
आमतौर पर छंटनी के दौरान कंपनियां तुरंत कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस बंद कर देती हैं, लेकिन ब्लॉक ने ऐसा नहीं किया। कंपनी ने गुरुवार शाम तक कर्मचारियों के लिए स्लैक और ईमेल एक्सेस खुला रखने का फैसला किया है, ताकि वे सहकर्मियों से ठीक तरह से विदाई ले सकें। इसके अलावा जैक डॉर्सी लाइव वीडियो सत्र के जरिए कर्मचारियों को धन्यवाद भी देंगे। उनका कहना है कि यह तरीका औपचारिक और ठंडे रवैये से बेहतर है।
कंपनी का सफर और आगे की योजना
इस कंपनी की शुरुआत साल 2009 में ‘स्क्वायर’ के नाम से हुई थी। बाद में 2021 में इसका नाम बदलकर ‘ब्लॉक’ कर दिया गया। इस बड़े पुनर्गठन पर कंपनी को लगभग 450 से 500 मिलियन डॉलर तक का खर्च आने का अनुमान है। अब कंपनी का फोकस पूरी तरह एआई और इंटेलिजेंस आधारित कामकाज पर रहेगा। डॉर्सी के अनुसार, भविष्य में कंपनी के हर प्रोडक्ट और सेवा के केंद्र में इंटेलिजेंस होगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में ग्राहक खुद कंपनी के प्लेटफॉर्म और टूल्स का उपयोग कर अपने लिए नए फीचर और समाधान तैयार कर सकेंगे। यह कदम साफ संकेत देता है कि एआई के दौर में टेक कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल और कामकाज के ढांचे को तेजी से बदल रही हैं। आने वाले समय में इस तरह के फैसले टेक इंडस्ट्री में और भी देखने को मिल सकते हैं।

