Site icon Dainik Savera Times

निवेशकों को रिपोर्ट करने में महत्वपूर्ण गड़बड़ियों के चलते Jilingo विफल हुआ : Investor Barda

नई दिल्ली: सिंगापुर स्थित फैशन स्टार्टअप जिलिंगो के प्रमुख निवेशकों में से एक, बर्दा प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट्स ने संस्थापक और सीईओ अंकिती बोस के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया है, यह संकेत देते हुए कि संस्थापक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यूरोप स्थित ह्यूबर्ट मीडिया ग्रुप के एक प्रभाग बर्दा प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट्स (बीपीआई) ने एक बयान में कहा कि ‘निवेशकों को रिपोर्ट करने में महत्वपूर्ण अनियमितताएं’ जिलिंगो की विफलता का कारण बनीं। निवेश फर्म ने कहा, ‘‘क्रोल इंक को इस मामले की जांच के लिए मुख्य निवेशकों द्वारा संयुक्त रूप से नियुक्त किया गया था और वित्तीय अनियमितताओं की जांच पूरी हो चुकी है।’’ कानूनी कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए, बर्दा ने कहा, ‘‘चूंकि निवेशक कानूनी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, हम रिपोर्ट के किसी भी विवरण पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं या इस समय कोई और जानकारी साझा नहीं कर सकते हैं।’’

प्रमुख स्टार्टअप कवरेज पोर्टल इंक42 की पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट के मद्देनजर यह बयान आया, जिसमें बोस द्वारा किए गए वित्तीय गलत कामों के बारे में नए विस्फोटक खुलासे हुए, जिसमें 10 मिलियन डॉलर (80 करोड़ रुपये) संदिग्ध और अस्पष्ट भुगतान, शेयरधारकों को परस्पर विरोधी राजस्व आंकड़े जमा करना और बोर्ड की मंजूरी के बिना उनके वेतन में 10 गुना वृद्धि करना शामिल था। बोस ने प्रमुख निवेशक और सीडफाइंड के सह-संस्थापक महेश मूर्ति के खिलाफ बंबई हाई कोर्ट में 100 मिलियन डॉलर का मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है, क्योंकि उन्होंने एक प्रमुख व्यावसायिक पत्रिका में एक लेख लिखा था। बोस को यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि 100 मिलियन डॉलर का मुकदमा जिलिंगो में उनकी इक्विटी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए दायर किया गया था और ‘इस तरह के बयान भविष्य के प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं।’ रिपोर्टों के अनुसार, मुकदमा फिलहाल प्री एडमिशन चरण में है। जांच की अवधि के दौरान जिलिंगो के बोर्ड ने एक बयान जारी कर कहा था, ‘‘मीडिया में प्रसारित होने वाले दावों के विपरीत, यह निर्णय (निलंबन) बोर्ड और संबंधित शेयरधारकों द्वारा पूर्व-सहमत शेयरधारक मतदान अधिकारों के अनुसरण में संयुक्त रूप से लिया गया था और यह एकल शेयरधारक के निर्णय को प्रतिबिंबित नहीं करता है।’’ पिछले साल मार्च में जिलिंगो ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर 30 वर्षीय सीईओ बोस को निलंबित कर दिया था। एक स्वतंत्र फोरेंसिक फर्म के नेतृत्व में जांच के बाद स्टार्टअप ने बोस की नियुक्ति समाप्त कर दी थी।

ये भी पढ़ें: Ludhiana: पाना-चाबी बनाने वाली फैक्टरी में जहरीली गैस लीक, पिता-पुत्र समेत तीन मजदूरों की मौत

Exit mobile version