नई दिल्ली: सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी में जुटी जियो प्लेटफॉर्म्स अब स्वदेशी संचार उपग्रहों के जरिए देश में कनैक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक में आकाश अंबानी ने कहा कि जियो स्वदेशी निचली कक्षा (लो-अर्थ ऑर्बिट) वाले उपग्रहों का समूह विकसित करने की संभावना पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि जियो ने जमीन पर संचार सेवाओं के जरिए भारत को जोड़ा है और अब दूरदराज के गांवों, द्वीप क्षेत्रों तथा सीमावर्ती चौकियों तक पहुंच बनाने के लिए उपग्रह संपर्क पर ध्यान दिया जा रहा है।
आकाश अंबानी के अनुसार, कंपनी दोहरी रणनीति पर काम कर रही है।
इसके तहत जियो अपनी दीर्घकालिक स्वदेशी क्षमता विकसित करेगी और साथ ही वैश्विक उपग्रह नैटवर्क प्रदाताओं के साथ साझेदारी कर उनकी क्षमता का उपयोग भी करेगी। उन्होंने बताया कि जियो भारत में ग्राउंड स्टेशन अवसंरचना भी विकसित कर रही है, जो साझेदार और भविष्य के स्वदेशी उपग्रह नेटवर्क दोनों को समर्थन देगा। इस पहल से अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।