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क्लाउड आधारित कृत्रिम-बुद्धमत्ता के लिए JIO प्लेटफॉर्म, एनविडिया की साझेदारी

मुंबई: जियो प्लेटफॉर्म्स ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह अत्याधुनिक क्लाउड बेस्ड आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का ढांचा बनाने के लिए एनविडिया के साथ मिलकर काम करेगा। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि भारत पहले ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम कर रहा है लेकिन जियो और एनविडिया का साथ आना भारत को इस क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ने में मदद करेगा।” रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने हाल ही में कंपनी के शेयरधारकों की वार्षिक महासभा में वादा किया था कि जियो हर भारतीय तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की सुविधा पहुँचाएगी।

अंबानी ने कहा है कि इस भागीदारी से भारत का विकास और तेज़ी पकड़ेगा उन्होंने कहा , “ भारत बहुत सारा डेटा का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन अब हम इससे और आगे बढ़ रहे हैं। हम अब टेक्नॉलोजी का ढांचा बना रहे हैं जिससे देश का तेज़ी से विकास करने में मदद मिलेगी। एनविडिया के साथ मिलकर हम कंप्यूटिंग और टेक्नॉलोजी सुपर सेंटर बना रहे हैं। इससे देश को वैसी ही मदद मिलेगी जैसे कि जियो के आने के बाद डिजिटल क्षेत्र में मिली थी। मुझे खुशी है कि जियो और एनविडिया एक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक नई यात्रा साथ शुरू कर रहे हैं। ”

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के अध्यक्ष आकाश अंबानी ने कहा , “ जियो अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की उपलब्धता और उपयोग को लोकतांत्रिक बनाकर भारत की तकनीकी क्रांति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनवीडिया के साथ हमारा सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ मिलकर, हम एक एडवांस्ड एआई क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगे जो सुरक्षित हो, सस्टेनेबल और भारत के अद्वितीय अवसरों के लिए काफी अधिक महत्वपूर्ण है। यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म हेल्थकेयर और शिक्षा से लेकर एंटरप्राइज सॉल्यूशंस तक सभी क्षेत्रों में एआई-संचालित इनोवेशंस में तेजी लाने में सहायक साबित होगा। ”

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य एआई को देश भर के रिसर्चर्स, स्टार्ट-अप और उद्यमों के लिए सुलभ बनाना है, ताकि भारत को तेजी से एआई पावरहाउस बनने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर एनवीडिया के संस्थापक और सीईओ जेन्सेन हुआंग ने कहा कि ‘ भारत के पास लार्ज स्केल, डेटा और प्रतिभा है। सबसे एडवांस्ड एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, रिलायंस इसका निर्माण कर सकता है। उनके पास बड़े भाषा मॉडल हैं जो भारत के लोगों के लिए भारत में निर्मित जेनरेटर एआई एप्लीकेशंस को पावर प्रदान करते हैं।’’

विज्ञप्ति के अनुसार नया एआई क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर भारत भर में रिसर्चर्स, डेवलपर्स, स्टार्टअप, वैज्ञानिकों, एआई प्रेक्टिशनर्स और अन्य लोगों को इंस्टेंट कंप्यूटिंग और हाई-स्पीड, सुरक्षित क्लाउड नेटवर्किंग तक पहुंचने में सक्षम करेगा ताकि कार्यभार को सुरक्षित रूप से और अत्यधिक एनर्जी कुशलता से चलाया जा सके। नया बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की प्रमुख पहलों और एआई परियोजनाओं की एक विस्तृत सीरीज को गति देगा, जिसमें एआई चैटबॉट, ड्रग डिस्कवरी, क्लाइमेट रिसर्च और ऐसी बहुत सी चीजें शामिल हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस नई सहभागिता के तौर पर, एनवीडिया को सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स बनाने के लिए जियो को सीपीयू, जीपीयू, नेटवर्किंग और एआई ऑपरेटिंग सिस्टम और फ्रेमवर्क सहित एंड-टू-एंड सुपरकंप्यूटर तकनीक प्रदान करेगा। जियो क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रबंधन और रखरखाव करेगा और कस्टमर कनेक्ट और एक्सेस की देखरेख करेगा।

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