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महिलाओं को कर्ज देना पुरुषों की तुलना में कम जोखिम भरा: अध्ययन

मुंबई : महिलाओं को कर्ज देना पुरुष कजर्दारों की तुलना में कम जोखिम भरा होता है। कर्ज सूचना देने वाली कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल ने यह आकलन पेश किया है। एक अध्ययन नतीजों के मुताबिक, 57 प्रतिशत महिलाओं का क्रेडिट स्कोर उन्हें ‘विशिष्ट’ श्रेणी में रखता है जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा 51 प्रतिशत है।

खुदरा कर्ज को आम तौर पर अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इस श्रेणी के ज्यादातर कजर्ाें में घर जैसी संपत्तियों को गिरवी रखा जाता है। ट्रांसयूनियन सिबिल ने कहा कि व्यक्तिगत ऋण और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों के लिए ऋण जैसे खपत-केंद्रित कर्ज भी महिलाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।

कंपनी ने कहा, जब महिला कजर्दार काम करती हैं और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो जाती हैं तो वे अपने जीवन के लक्षय़ों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ऋण अवसर तलाशती हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, महिलाएं भी व्यापारिक ऋण ले रही हैं और कुल कारोबारी ऋण में महिलाओं की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत हो चुकी है।

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