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LIC को ₹2,684.57 करोड़ का नुकसान, CBI ने अनिल अंबानी पर दर्ज की FIR

LIC suffers loss of ₹2,684.57 crore, CBI files FIR against Anil Ambani

LIC suffers loss of ₹2,684.57 crore, CBI files FIR against Anil Ambani

नई दिल्ली: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलाईसी) के साथ हुए निवेश फ्रॉड के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने एलआईसी की लिखित शिकायत के आधार पर मेसर्स रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी), मुंबई, कंपनी के पूर्व चेयरमैन अनिल डी. अंबानी, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीए ग्रुप) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

एलआईसी का आरोप

एलआईसी का आरोप है कि 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के दौरान एलआईसी ने आरसीएपी द्वारा जारी 5 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) खरीदे थे, जिनकी कुल कीमत 3,900 करोड़ रुपए थी। ये एनसीडी सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों, फंडिंग की जरूरतों और मौजूदा कर्ज को रिफाइनेंस करने के लिए जारी किए गए थे।

एलआईसी का आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने आपराधिक साजिश रची और धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार, फंड का डायवर्जन/गबन और खातों में हेरफेर जैसे अपराध किए। गलत जानकारी देकर एलआईसी को आरसीएपी में निवेश करने के लिए उकसाया गया और बाद में धोखाधड़ी से उन फंड्स को दूसरी जगह लगा दिया गया। इससे एलआईसी को 2,684.57 करोड़ रुपए का नुकसान और आरोपियों को उतना ही फायदा हुआ।

सीबीआई ने कहा है कि सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने, आपराधिक साजिश की जांच करने और निवेश किए गए फंड के अंतिम उपयोग और डायवर्जन का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

अब तक 6 चार्जशीट दाखिल, 7 आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों, ईपीएफओ और एलआईसी से मिली शिकायतों पर 8 एफआईआर दर्ज की थीं।

इन मामलों में सीबीआई ने अब तक 6 चार्जशीट दाखिल की हैं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी मामलों की जांच जारी है और माननीय सुप्रीम कोर्ट इनकी निगरानी कर रहा है। सीबीआई ने कहा है कि वह व्यापक और तेजी से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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