नई दिल्ली : देश का शराब उद्योग बीते वित्त वर्ष के झटके के बाद 2025-26 का साल बेहतर रहने की उम्मीद कर रहा है। सुला वाइनयार्डस लिमिटेड की वार्षकि रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा कि घरेलू वृहद माहौल अब सामान्य हो गया है जिससे चालू वित्त वर्ष बेहतर रहने की उम्मीद है। बीते वित्त वर्ष में शराब की शहरी खपत में सुस्ती आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी खपत में सुस्ती का प्रभाव अन्य श्रेणियों की तुलना में खराब खंड पर अधिक ‘स्पष्ट’ था, क्योंकि मुख्य रूप से इसका उपभोग शहरों में अधिक होता है। सुला वाइनयार्डस के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव सामंत ने कहा कि शराब की मांग कई अस्थायी नियामकीय और अन्य बाजार व्यवधानों से भी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा, ‘3 साल की मजबूत वृद्धि के बाद 2024-25 भारतीय शराब उद्योग के लिए मांग को फिर से स्थापित करने का वर्ष था।’ शराब उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों के बावजूद सुला ने वित्त वर्ष 2024-25 से अपना सबसे ऊंचा 619.4 करोड़ रुपए का परिचालन राजस्व दर्ज किया था।
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