नेशनल डेस्क: अमेरिका की बड़ी कंपनी अमेजन एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार, कंपनी अलग-अलग विभागों में करीब 14,000 नौकरियां कम कर सकती है। इसके अलावा कुछ टीमों को पूरी तरह बंद भी किया जा सकता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह छंटनी सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दुनियाभर में की जा सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल और एचआर (HR) विभाग पर पड़ सकता है। खासतौर पर मिड-लेवल मैनेजर और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों (व्हाइट-कॉलर जॉब) के प्रभावित होने की संभावना ज्यादा है। अगर ऐसा होता है, तो एक साल से भी कम समय में यह अमेजन की तीसरी बड़ी छंटनी होगी। इससे पहले जनवरी में कंपनी ने करीब 16,000 कर्मचारियों को निकाला था, और 2025 के अंत तक भी लगभग 14,000 नौकरियां खत्म की जा चुकी हैं।
सिर्फ अमेजन ही नहीं, अन्य कंपनियां भी कर रही हैं छंटनी
अमेजन अकेली कंपनी नहीं है जो कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है। हाल ही में ओरेकल ने भी एक साथ लगभग 30,000 कर्मचारियों को ईमेल भेजकर नौकरी से निकाल दिया, जिनमें करीब 12,000 भारतीय बताए जा रहे हैं। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और एक्सेंचर जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। खबर यह भी है कि मेटा कंपनी भी करीब 15,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि मई में अमेजन में 10,000 से ज्यादा लोगों की छंटनी हो सकती है। इस तरह की खबरों से कर्मचारियों में डर और चिंता बढ़ गई है। कुछ लोग अब यह सोचने लगे हैं कि क्या उन्हें नई नौकरी ढूंढनी चाहिए।
कई कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी यह साफ नहीं कर रही कि किन आधारों पर छंटनी की जा रही है। प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) को कारण बताया जा रहा है, लेकिन इसके नियम स्पष्ट नहीं हैं, जिससे कर्मचारियों में और असमंजस पैदा हो रहा है।
कंपनी की रणनीति में बदलाव
खबरों के अनुसार, अमेजन कुछ टीमों को बंद भी कर सकता है, जिसमें चीन की टीम भी शामिल हो सकती है। माना जा रहा है कि यह सब कंपनी की नई रणनीति का हिस्सा है। अमेजन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और इस क्षेत्र में भारी निवेश करने की योजना बना रहा है। कंपनी डेटा सेंटर्स पर 125 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च कर सकती है। अमेजन के सीईओ एंडी जेसी पहले ही कह चुके हैं कि जनरेटिव एआई और एआई एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनी में कुछ नौकरियों की जरूरत कम हो सकती है।
कुल मिलाकर, टेक इंडस्ट्री में बदलाव और एआई के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बड़ी कंपनियां अपनी टीमों को छोटा और ज्यादा कुशल बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसका सीधा असर कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ रहा है।

