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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपए की मजबूती से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े

Market Gains Oil Drop

Market Gains Oil Drop

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपए की मजबूती और 10 साल के बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

सप्ताह के दौरान निफ्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, आखिरी कारोबारी दिन यह 0.60 प्रतिशत गिरकर 24,180 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 516 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.54 प्रतिशत की बढ़त रही।

एक बाजार विश्लेषक ने कहा, “आर्थिक स्थितियों में सुधार के कारण बाजार का माहौल शुरुआती सतर्कता से निकलकर सकारात्मक दिशा में गया। इसी वजह से सप्ताह के आखिर में मुनाफावसूली के बावजूद बाजार मजबूत बना रहा।

राज्यों के चुनाव परिणाम और चौथी तिमाही के बेहतर नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, ऑटो, रक्षा, रियल एस्टेट और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

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सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में 3.49 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप100 में 4.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की स्थिर कीमतें और रुपए में मजबूती से बाजार को फिलहाल सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की स्थिति में कमोडिटी से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है।

वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के चलते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली। इससे निवेशकों ने जल्द शांति समझौते की उम्मीदों पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई।

ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अब भी लागू है, जबकि ईरान ने भी स्थिति सामान्य होने की बात कही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। वहीं, घरेलू बाजार में कच्चे तेल के वायदा भाव भी 9,000 रुपए के स्तर से नीचे फिसल गए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है, जबकि 24,100 से 24,000 का दायरा अहम सपोर्ट स्तर बना हुआ है।

वहीं, बैंक निफ्टी में अगर 55,500 के ऊपर लगातार मजबूती बनी रहती है तो यह 55,800 से 56,000 के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे निकट अवधि में तेजी का रुख मजबूत होगा।

निवेशकों की नजर अब भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़ों पर बनी हुई है, क्योंकि ये आरबीआई की ब्याज दरों और कंपनियों के मुनाफे को लेकर आगे की दिशा तय करेंगे।

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