Site icon Dainik Savera Times

Mercedes-Benz Defense Production: डिफेंस सेक्टर में एंट्री की तैयारी में मर्सिडीज-बेंज, CEO ने दिए संकेत

बिजनेस डेस्कः जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी मर्सिडीज-बेंज के CEO ओला कैलेनियस ने संकेत दिए हैं कि कंपनी भविष्य में डिफेंस प्रोडक्शन सेक्टर में कदम रख सकती है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर यह “बिजनेस के लिहाज से सही” साबित होता है, तो कंपनी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। कैलेनियस ने कहा कि दुनिया पहले से कहीं ज्यादा अनिश्चित हो गई है और यह साफ है कि यूरोप को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत है। अगर हम इसमें सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं, तो हम इसके लिए तैयार हैं।

जर्मनी में बढ़ रहा डिफेंस सेक्टर का रुझान

रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लंबे समय से सुस्ती का सामना कर रहा है। ऐसे में कई कंपनियां अब हथियार और रक्षा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रही हैं। फॉक्सवैगन कथित तौर पर इजरायली कंपनियों के साथ आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम के लिए कंपोनेंट बनाने को लेकर बातचीत कर रही है। इसके लिए कंपनी अपनी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल कर सकती है।

वहीं, जर्मनी की प्रमुख डिफेंस कंपनी राइनमेटल ने एक डच कंपनी के साथ मिलकर क्रूज़ मिसाइल निर्माण शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी ने ड्रोन रोधी रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए ड्यूश टेलीकॉम के साथ साझेदारी का भी ऐलान किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में जनरल मोटर्स और फोर्ड जैसी कंपनियों से उनके संसाधनों और कर्मचारियों का उपयोग कर गोला-बारूद उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा की थी।

मर्सिडीज पहले भी बना चुकी है सैन्य वाहन

मर्सिडीज ने 2021 में अपने ट्रक डिवीजन को अलग कर दिया था, जो सैन्य उपयोग के लिए वाहन तैयार करता था। कंपनी फिलहाल भी सैन्य जरूरतों के लिए अपनी G-Class SUV के विशेष मॉडल उपलब्ध कराती है। कैलेनियस का मानना है कि बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले वाहन बनाने में कंपनी की विशेषज्ञता उसे रक्षा उपकरण निर्माण में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि कार कंपनियां बड़े पैमाने पर प्रिसिजन-इंजीनियर्ड और हाई-क्वालिटी वाहन बनाने में माहिर होती हैं और हम इसमें अच्छे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में डिफेंस सेक्टर कंपनी के कुल कारोबार का छोटा हिस्सा ही रहेगा, लेकिन यह तेजी से बढ़ने वाला खास क्षेत्र बन सकता है, जिसका असर कंपनी के बिजनेस रिजल्ट्स पर भी दिख सकता है।

गौरतलब है कि अप्रैल में राइनमेटल के प्रमुख आर्मिन पेपरगर ने दावा किया था कि पारंपरिक हथियार निर्माण क्षमता के मामले में जर्मनी, अमेरिका से आगे है। पिछले साल दिसंबर में द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इकोनॉमिस्ट के हवाले से बताया था कि जर्मन सिविल इंडस्ट्री का डिफेंस सेक्टर की ओर झुकाव एक बड़ा बदलाव है, लेकिन हथियारों के निर्यात की सीमित संभावनाओं के कारण यह सेक्टर जर्मन अर्थव्यवस्था में अन्य उद्योगों की पूरी तरह जगह नहीं ले पाएगा।

Exit mobile version