नई दिल्ली: एनबीसीसी लिमिटेड ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के साथ ओल्ड राजिंदर नगर और सफदरजंग विकास क्षेत्र में स्थित स्टाफ क्वार्टरों के समग्र पुनर्विकास के लिए 2 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रलय के अधीन आने वाली इस नवरत्न कंपनी की यह डीडीए के साथ पहली पुनर्विकास पहल है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 775 करोड़ रुपए आंकी गई है।
समझौते के तहत करीब 1.66 लाख वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। ओल्ड राजिंदर नगर में लगभग 1 लाख वर्ग मीटर और सफदरजंग विकास क्षेत्र में 66 हजार वर्ग मीटर निर्माण प्रस्तावित है। वर्तमान में इन स्थानों पर क्रमश: 117 और 152 स्टाफ आवास मौजूद हैं, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्निर्मित किया जाएगा। परियोजना स्व-संधारणीय मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें विकसित क्षेत्र का एक हिस्सा पारदर्शी प्रक्रिया से बेचा जाएगा और उससे प्राप्त राशि से परियोजना का वित्तपोषण किया जाएगा।
एनबीसीसी परियोजना प्रबंधन, डिजाइन, निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण और कमीशनिंग तक सभी कार्यो का दायित्व संभालेगा। आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। यह पहल दिल्ली में आधुनिक आवासीय अवसंरचना और सुनियोजित शहरी पुनर्विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

