Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम अगस्त में 10% बढ़कर ₹27,455 करोड़, हेल्थ सेगमेंट सबसे आगे

September 21, 2026

नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम अगस्त में 10% बढ़कर ₹27,455 करोड़, हेल्थ सेगमेंट सबसे आगे

नई दिल्ली: नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम अगस्त में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 27,455 करोड़ रुपए हो गया है। इसमें हेल्थ सेगमेंट का योगदान सबसे अधिक रहा है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के मुख्य आंकड़ों में ग्रोथ की वजह फसल पंजीकरण के समय में हुआ बदलाव है। साथ ही, आग और फसल से जुड़ी दिक्कतों के कम होने से वित्त वर्ष 27 में अप्रैल-अगस्त के दौरान ग्रोथ एक साल पहले के 6 प्रतिशत से बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गई है।

जुलाई में फसल प्रीमियम तीन गुना बढ़कर 3,274 करोड़ रुपए हो गया, क्योंकि राज्यों ने खरीफ फसल पंजीकरण की समय-सीमा 31 जुलाई से आगे बढ़ा दी और कारोबार को अगस्त तक टाल दिया। रिपोर्ट में कहा गया, “फसल प्रीमियम में बढ़ोतरी से आग और फसल से जुड़े नुकसान का असर भी 11.1 पीपी से घटकर 4.2 पीपी रह गया है।” आग और फसल बीमा को छोड़कर, जुलाई में इंडस्ट्री की ग्रोथ लगभग 17 प्रतिशत से घटकर 14.3 प्रतिशत रह गई, क्योंकि गाड़ियों की बिक्री के साथ-साथ मोटर गाड़ियों के कारोबार में भी सुस्ती आई।

केयरएज रेटिंग्स के डायरेक्टर प्रियेश रूपारेलिया ने कहा, “इस सुस्ती का मतलब रिटेल डिमांड में कमी नहीं है। यह गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में कमी और सरकारी हेल्थ स्कीम प्रीमियम की बुकिंग में उतार-चढ़ाव को दिखाता है।” रिटेल सेगमेंट ने इंडस्ट्री के विस्तार को आगे बढ़ाया। हेल्थ इंश्योरेंस में लगातार पांचवें महीने 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी (32.5 प्रतिशत) देखी गई और मोटर इंश्योरेंस में लगातार पांचवें महीने डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई।

अगस्त में कुल प्रीमियम में हेल्थ इंश्योरेंस का हिस्सा 39.5 प्रतिशत था और अप्रैल-अगस्त वित्त वर्ष 27 के दौरान यह 44 प्रतिशत रहा। अगस्त में हेल्थ प्रीमियम सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 10,834 करोड़ रुपए हो गया, जबकि जुलाई में यह 26 प्रतिशत और साल की शुरुआत से अब तक 20.9 प्रतिशत बढ़ा था।

रूपारेलिया ने कहा, “हेल्थ इंश्योरेंस ग्रोथ का मुख्य कारण बना हुआ है और इस ग्रोथ की क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। इसकी वजहें हैं – रिन्यूअल रेट में बढ़ोतरी, क्लेम रेश्यो में कमी और इंश्योरेंस के लिए नए ग्राहकों का जुड़ना।” सितंबर के दूसरे हिस्से से रिटेल हेल्थ ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, क्योंकि तब जीएसटी से जुड़े बेस की तुलना करना आसान हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट इंश्योरर्स और स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर्स ने अगस्त में कुल प्रीमियम का 73.3 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया, जो इस साल का सबसे ज्यादा हिस्सा है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें