नई दिल्ली: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रलय (एमओएसपीआई) ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर नमूना (सैंपल) सव्रेक्षण करने के लिए सव्रेक्षण संस्थानों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रलय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की सव्रेक्षण शाखा समूचे भारत में विविध क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नमूना सव्रेक्षण करती है। प्राथमिक डेटा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर राष्ट्रव्यापी घरेलू/उद्यम सव्रेक्षणों के जरिए एकत्र किया जाता है।
एनएसओ ने अपनी पहुंच और अपने सव्रेक्षणों का दायरा बढ़ाने के लिए निजी सव्रेक्षण संस्थानों या एजेंसियों को शामिल करने के लिए 12 दिसंबर 2024 को प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) लेने शुरू कर दिए। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सव्रेक्षण करने के लिए एनएसओ की क्षमता को बढ़ाना है।
एनएसओ निजी एजेंसियों के साथ साझेदारी कर अतिरिक्त विशेषज्ञता तथा संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहता है, जिससे सव्रेक्षण निष्पादन अधिक कुशल हो सके। अनुरोध दाखिल करने की अंतिम तिथि छह जनवरी 2025 है।

