Petrol-Diesel Rate: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तेल कंपनियों पर बना हुआ है दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर अब भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग 5 से 6 रुपये और डीजल पर करीब 4 से 5 रुपये का घाटा जारी है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश की प्रमुख तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा कच्चा तेल खरीद रही हैं, जबकि घरेलू बाजार में नियंत्रित कीमतों पर ईंधन बेच रही हैं। इस वजह से कंपनियों को प्रतिदिन भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि मौजूदा घाटे की पूरी भरपाई करनी हो तो पेट्रोल और डीजल के दामों में अतिरिक्त वृद्धि की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार और तेल कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगा।
आज नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
गुरुवार सुबह जारी नवीनतम दरों के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम इस प्रकार हैं:
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.18 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| बेंगलुरु | 110.93 | 98.80 |
| भोपाल | 114.54 | 99.64 |
| भुवनेश्वर | 108.98 | 100.71 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| देहरादून | 100.54 | 96.00 |
पश्चिम एशिया के हालात पर बाजार की नजर
वैश्विक तेल बाजार फिलहाल पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंकाएं बढ़ी हैं। इसके चलते निवेशकों में चिंता का माहौल है और तेल की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है या तेल आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गों पर कोई असर पड़ता है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। ऐसे में भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल घरेलू ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा आने वाले दिनों में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। यदि क्रूड ऑयल महंगा बना रहता है, तो तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए कीमतों में संशोधन की संभावना बढ़ सकती है।

