नई दिल्ली: कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें मामूली रूप से सुधरने से पहले 3 साल के निचले स्तर पर आ गईं, लेकिन घरेलू स्तर पर पैट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती तभी संभव है जब कच्चा तेल निचले स्तर पर बना रहे। उद्योग सूत्रों और अधिकारियों ने वीरवार को यह बात कही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा मंगलवार को 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था। दिसंबर 2021 के बाद पहली बार ऐसा हुआ लेकिन फ्रैंकाइन तूफान आने से मैक्सिको की खाड़ी में कच्चे तेल की आपूíत प्रभावित होने से कच्चा तेल फिर से चढ़ गया।
वीरवार को ब्रेंट क्रूड 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहा जबकि वेस्ट टैक्सस इंटरमीडिएट बढ़कर 68 डॉलर के करीब पहुंच गया। अधिकारियों ने कहा कि अगर कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में गिरावट का रुख जारी रहता है तो पैट्रोल और डीजल की कीमतों को संशोधित किया जाएगा। पैट्रोल और डीजल की कीमतें इस साल की शुरुआत में चुनाव-पूर्व कटौती को छोड़कर अब दो साल से अधिक समय से स्थिर हैं। पैट्रोलियम सचिव पंकज जैन ने कहा कि यदि अंतर्राष्ट्रीय तेल की कीमतें निरंतर कम होती हैं तो पैट्रोलियम कंपनियां ईंधन की कीमतों को कम करने के बारे में उचित निर्णय लेंगी।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियां पैट्रोल और डीजल पर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन कीमतों में कटौती का फैसला करने से पहले वे कीमतों में सुधार की प्रवृत्ति सुनिश्चित करना चाहती हैं। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनांशियल सíवसेज ने उम्मीद जताई है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले पैट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करेंगी। राष्ट्रीय राजधानी में पैट्रोल की कीमत 94.72 रुपए प्रति लीटर है जबकि डीजल का भाव 87.62 रुपए प्रति लीटर है।

