Last Updated: October 21, 2026

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सोने की ज्वैलरी लेने जा रहे हैं? तो पहले जान लें मेकिंग चार्जेस और बिलिंग की पूरी जानकारी

January 16, 2026

सोने की ज्वैलरी लेने जा रहे हैं? तो पहले जान लें मेकिंग चार्जेस और बिलिंग की पूरी जानकारी

नई दिल्ली: सोना भारत में सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि परंपरा और भावनाओं से जुड़ा अहम हिस्सा है। शादी-ब्याह, त्योहार या सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ज्वैलरी हर घर में खास मायने रखती है। लेकिन जब बिल हाथ में आता है, तो GST, मेकिंग चार्जेस, वेस्टेज और अन्य टैक्स देखकर कई लोग भ्रमित हो जाते हैं। 2026 में भी सोने पर टैक्स नियम वही हैं, लेकिन सही जानकारी न होने पर आपकी जेब पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

सोने पर कितना है GST?

भारत में सोने की खरीद पर 3% GST लागू होता है। यह दर 24 कैरेट, 22 कैरेट या 18 कैरेट सभी प्रकार के सोने पर समान रहती है। चाहे आप गोल्ड ज्वैलरी खरीदें, गोल्ड बार या गोल्ड कॉइन लें, GST की दर 3% ही लगेगी।

उदाहरण के तौर पर, अगर 10 ग्राम सोने की कीमत 1 लाख रुपये है, तो उस पर 3% GST यानी 3,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। डिजिटल गोल्ड पर भी 3% GST लगता है, लेकिन इसके सर्विस चार्जेस पर 18% टैक्स लागू हो सकता है। इंपोर्टेड गोल्ड के मामले में 3% IGST के साथ कस्टम ड्यूटी भी देनी पड़ती है।

Gold-Silver Price
Gold-Silver Price

मेकिंग चार्जेस का गणित

मेकिंग चार्जेस वह रकम होती है, जो ज्वैलरी बनाने के लिए ली जाती है। यह आमतौर पर सोने की कीमत का 5% से 25% तक या प्रति ग्राम फिक्स रेट के रूप में लिया जा सकता है।

मान लीजिए सोने की कीमत 50,000 रुपये है और मेकिंग चार्जेस 5,000 रुपये हैं। ऐसे में GST सिर्फ सोने की कीमत पर 3% यानी 1,500 रुपये नहीं, बल्कि मेकिंग चार्जेस पर भी GST अलग से लागू हो सकता है। इसलिए ज्वैलरी खरीदते समय बिल में मेकिंग चार्जेस और उस पर लगे GST को ध्यान से देखें।

ज्वैलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

हॉलमार्क जरूर देखें: HUID नंबर वाला सोना ही खरीदें, ताकि शुद्धता की गारंटी मिल सके।

PAN या आधार जरूरी: 2 लाख रुपये से अधिक की खरीद पर पहचान पत्र देना अनिवार्य है।

वेस्टेज और अन्य चार्जेस पर बातचीत करें: कई ज्वैलर अतिरिक्त चार्ज जोड़ते हैं, जिन पर मोलभाव किया जा सकता है।

बायबैक पॉलिसी समझें: पुराने सोने को बेचकर नया लेने से GST का बोझ कम हो सकता है।

बिल लें: टैक्स और चार्जेस की पूरी डिटेल बिल में जरूर हो।

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सोने की खरीदारी में सही जानकारी और सावधानी रखने से आप न केवल पैसों की बचत कर सकते हैं, बल्कि टैक्स और अतिरिक्त चार्जेस के झंझट से भी बच सकते हैं।

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