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भारत के साथ आगे बढ़ने का बड़ा अवसर, FTA पर बोले पीएम लक्सन

PM Luxon on India FTA

PM Luxon on India FTA

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में मुक्त व्यापार समझौता हुआ है। एफटीए को लेकर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि ये डील न्यूजीलैंड के लिए पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका है। न्यूजीलैंड के लिए भारत के साथ आगे बढ़ने का बहुत बड़ा मौका है।

27 अप्रैल को दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ की छूट मिलेगी। वहीं न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 फीसदी सामान पर टैरिफ की छूट होगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर पीएम लक्सन ने कहा, “आपने शायद वीकेंड में भारत में इंडियन एफटीए साइन होने के बारे में सुना होगा और यह बहुत अच्छी खबर है क्योंकि यह न्यूजीलैंड के लिए पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका है। मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? क्योंकि भारत अब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। देश में लगभग डेढ़ अरब लोग रहते हैं। वे तेजी से अमीर होते जा रहे हैं और इसलिए वे न्यूजीलैंड जैसी जगहों से बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट और सर्विस लेना चाहते हैं। और सबसे जरूरी बात यह है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनना जा रहा है।”

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उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड के लिए भारत के साथ आगे बढ़ने का बहुत बड़ा मौका है क्योंकि भारत लो-इनकम से मिडिल-इनकम की ओर बढ़ रहा है और न्यूजीलैंड के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की ज्यादा डिमांड कर रहा है। हम भारत को जो लगभग 95 फीसदी सामान एक्सपोर्ट करते हैं, अच्छी खबर यह है कि पहले दिन से ही, 57 फीसदी टैरिफ-फ्री है और एग्रीमेंट के दौरान यह बढ़ता जाएगा। जैसे-जैसे भारतीय बाजार बढ़ेगा, हम दुनिया भर के प्रोडक्ट्स से मुकाबला कर सकते हैं। इसका मतलब है कि कीवी लोगों की जेब में ज्यादा पैसा, ज्यादा इनकम और भारत में तेजी से बढ़ने की वजह से ज्यादा नौकरियां।”

इस समझौते के तहत भारत को सभी टैरिफ उत्पादों पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। यह न्यूजीलैंड द्वारा वर्तमान में भारत से निर्यात किए जाने वाले लगभग 450 टैरिफ उत्पादों पर लगाए जाने वाले 10 प्रतिशत शुल्क से कम है, जिनमें वस्त्र और परिधान उत्पाद, चमड़ा और टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन और वाहन एवं वाहन पुर्जे शामिल हैं।

इस मुक्त व्यापार समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसके अलावा, इस एफटीए में कामकाजी पेशेवरों और छात्रों की आवाजाही से संबंधित कई प्रावधान शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत, भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान विस्तारित अध्ययन के बाद कार्य वीजा के साथ प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकते हैं।

एफटीए में भारतीय पेशेवरों को भी उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर खुलेंगे। समझौते के तहत, न्यूजीलैंड कौशल युक्त भारतीय पेशेवरों को एक अस्थायी रोजगार वीजा देगा, जिसके तहत पेशेवर न्यूजीलैंड में तीन साल तक रहकर कार्य कर सकेंगे। हालांकि, यह कोटा 5,000 वीजा का निर्धारित किया गया है।

समझौते में शामिल वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम के तहत, प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने की अवधि के लिए न्यूजीलैंड में कई बार प्रवेश कर सकते हैं।

भारत ने दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पादों के साथ-साथ कृषि उत्पादों सहित कई वस्तुओं को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से बाहर रखने में भी कामयाबी हासिल की है।

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