
RBI Reduced Repo Rate: नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 0.50% की कटौती कर दी है। इस निर्णय के बाद अब देश में नया रेपो रेट 5.50% हो गया है।
इस कदम से बैंकिंग सेक्टर में कर्ज लेना पहले से सस्ता हो जाएगा, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में गिरावट आने की संभावना है। इससे ना सिर्फ आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
-RBI गवर्नर का बयान
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता और मजबूती लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि घरेलू मांग में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है और भारत इस समय विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद भारत में निवेश का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
-क्या होता है Repo Rate?
रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है। जब रेपो रेट घटता है, तो बैंक भी अपने ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन देने लगते हैं।
-तीसरी बार मिली राहत
आरबीआई ने इस साल पहले भी दो बार रेपो रेट में कटौती की थी फरवरी और अप्रैल 2025 में जब दरों में क्रमशः 0.25% की कटौती की गई थी। अब तीसरी बार हुई इस बड़ी कटौती के बाद कर्ज और अधिक सस्ता हो जाएगा, जिससे उपभोक्ता खर्च और निवेश में इजाफा संभव है।
-शेयर बाजार में मिला-जुला रुख
रेपो रेट में कटौती की घोषणा से पहले शेयर बाजार में सुस्ती देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 82.43 अंक गिरकर 81,359.61 पर और निफ्टी 7.70 अंक लुढ़ककर 24,743.20 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि आईटी और पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में कुछ खरीदारी जरूर देखी गई, जो बाजार में स्थिरता का संकेत देती है।

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