RBI MPC Meeting : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बार फिर नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की ताज़ा बैठक के बाद आज गवर्नर Sanjay Malhotra ने घोषणा की कि रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
3 दिवसीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से फैसला
6 अप्रैल से शुरू हुई MPC की बैठक में सभी सदस्यों ने मिलकर नीतिगत दरों को स्थिर रखने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट 5.5% पर यथावत रखे गए हैं। RBI ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर नीति में बदलाव की गुंजाइश बनी रहे।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
रेपो रेट में कोई बदलाव न होने का मतलब है कि फिलहाल बैंक लोन की ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे। यानी होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज लेने वालों को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, वित्तीय संस्थानों की मजबूत स्थिति और बाजार में स्थिरता निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
The Monetary Policy Committee has decided to keep the policy repo rate unchanged at 5.25%, and to maintain a neutral stance, says RBI Governor Sanjay Malhotra pic.twitter.com/C18eRelTwo
— ANI (@ANI) April 8, 2026
पिछले साल मिल चुकी है राहत
गौरतलब है कि 2025 में RBI ने कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर उधार लेने वालों को बड़ी राहत दी थी। लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय बैंक फिलहाल ‘रुको और देखो’ की रणनीति पर कायम है।
7.6% GDP ग्रोथ का अनुमान
RBI ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। अनुमान के अनुसार, भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.6% तक पहुंच सकती है। मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते निवेश और लगातार सुधारों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया है।
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वैश्विक चुनौतियां अभी भी चिंता का विषय
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत नजर आ रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय जोखिम अब भी बने हुए हैं। विशेष रूप से Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है। सप्लाई चेन में संभावित बाधाएं भी आने वाले समय में विकास दर को प्रभावित कर सकती हैं।

