नई दिल्ली: भारत में सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 5.54 प्रतिशत (प्रोविजनल) हो गई है, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत (फाइनल) थी। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों में दी गई।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में ग्रामीण भारत में खुदरा महंगाई 6.08 प्रतिशत रही है, जबकि शहरी इलाकों में यह 4.88 प्रतिशत रही है।
सितंबर 2026 में खाद्य महंगाई दर सालाना आधार पर 7.74 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में यह 8.06 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 7.18 प्रतिशत रही है। बीते महीने जिन शीर्ष पांच उत्पादों की कीमतों में कमी देखने को मिली है, उनमें आलू (-11.50 प्रतिशत), टमाटर (-8.62 प्रतिशत), मोटर कार एंड जीव (-4.51 प्रतिशत), भिंडी (-4.48 प्रतिशत) और नारियल (-3.99 प्रतिशत) शामिल हैं।
इसके अलावा, सितंबर में जिन शीर्ष पांच उत्पादों की कीमतों में इजाफा हुआ है उनमें प्याज (+108.09 प्रतिशत), चांदी की ज्वेलरी (+87.80 प्रतिशत), अदरक (+62.85 प्रतिशत), लहसुन (+54.62 प्रतिशत)और नींबू (+36.41 प्रतिशत) शामिल हैं। सितंबर में तमिलनाडु (6.81 प्रतिशत), ओडिशा (6.70 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (6.68 प्रतिशत), तेलंगाना (6.64 प्रतिशत) और आंध्र प्रदेश (6.29 प्रतिशत), देश में सबसे अधिक खुदरा महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष पांच राज्य थे।
सरकार ने बताया कि कीमतों को अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,407 शहरी बाजारों (जिनमें ऑनलाइन बाजार भी शामिल हैं) और 1,465 गांवों से इकट्ठा किया गया था। सितंबर के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में रिस्पॉन्स रेट 100 प्रतिशत रहा, जिससे कीमतों में होने वाले बदलावों की पूरी जानकारी मिल सकी।
साथ ही कहा कि सरकार अक्टूबर 2026 के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े 12 नवंबर, 2026 को जारी किए जाएंगे। अगर उस दिन कोई छुट्टी होती है, तो आंकड़ों को अगले कामकाजी दिन जारी किया जाएगा। वहीं, सितंबर के थोक महंगाई के आंकड़े मंगलवार को जारी किए जाएंगे।

