सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने कहा कि यह मामला गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है और इस बारे में वही अंतिम निर्णय लेगा। उनकी यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता के तहत ‘हिट-एंडरन’ मामलों के कड़े प्रावधानों के विरोध में ट्रक चालकों के हड़ताल पर जाने के कुछ दिनों बाद आई है।
हालांकि यह नियम अभी तक लागू नहीं हुआ है। इस सप्ताह की शुरुआत में प्रदर्शनकारी ट्रक ड्राइवर सरकार के साथ बातचीत के बाद फिर से काम पर चले गए हैं। जैन के मुताबिक ट्रक ड्राइवरों को लगता है कि अगर वे किसी व्यक्ति को टक्कर मारने के बाद पीड़ित की मदद करने के लिए रुकेंगे तो उन्हें वहां मौजूद लोग नुक्सान पहुंचा देंगे।
उन्होंने कहा कि हम इसका समाधान खोजने के लिए प्रौद्योगिकी का नवोन्मेषी ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं। हमने सुझाव दिया है कि चालक हादसे के बारे में अधिकारियों को सूचित करने के लिए एक प्रौद्योगिकी प्रणाली का उपयोग करें ताकि उसे हिट-एंड-रन मामला न माना जाए।

