नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बदलाव करते हुए डिप्टी गवर्नरों के बीच विभागों का नया बंटवारा किया है। इस पुनर्गठन में नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर रोहित जैन को 10 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वरिष्ठ डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन को 11 विभागों का प्रभार दिया गया है।
आरबीआई की जानकारी के अनुसार, जानकीरमन को पर्यवेक्षण, विधि, जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (DICGC) और निरीक्षण जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें समन्वय संबंधी कार्य भी सौंपा गया है।
पूनम गुप्ता को 6 विभागों का दायित्व दिया गया है, जिनमें मौद्रिक नीति विभाग प्रमुख है। वहीं, शिरीष चंद्र मुर्मू को 5 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें विनियमन और प्रवर्तन से जुड़े विभाग शामिल हैं। आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नरों की नियुक्ति की व्यवस्था है।
रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर
टी. रबी शंकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रोहित जैन को डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति तीन वर्षों के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। इससे पहले वे आरबीआई में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
जैन के पास केंद्रीय बैंक में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाह्य निवेश, विदेशी मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय बाजार विनियमन, सूचना प्रौद्योगिकी, जोखिम निगरानी और सरकारी बैंक खातों जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया है।
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1991 में आरबीआई से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रोहित जैन ने गुजरात विश्वविद्यालय से एमबीए (वित्त) और दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एम.कॉम की डिग्री प्राप्त की है। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव में उन्होंने पर्यवेक्षण विभाग में मुख्य महाप्रबंधक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
आरबीआई के इस नए विभागीय पुनर्वितरण को केंद्रीय बैंक के संचालन और नीतिगत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

