नयी दिल्ली: सरकार ने गैर बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी संबंधी नियमों में कुछ नये संशोधन किये हैं ताकि पिछले निर्णयों के कारण बंदरगाहों पर फंसी निर्यात की खेप दूसरे देशों के उनके विभिन्न गंतव्य के लिए आगे बढ़ायी जा सके ।
चावल निर्यातकों ने कहा है कि इस संबंध में मंगलवार को जारी अधिसूचना से उन्हें बड़ी राहत मिली है और इसके लिए उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया है । नेशनल राइस एक्सपोर्ट फेडरेशन (आईआरईएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रेम गर्ग ने कहा कि सरकार के नये निर्णय से निर्यातकों की कुल करीब 1.5 लाख टन चावल की खेप अब निकल जाएगी जो विभिन्न बंदरगाहों पर फंसी हुई थी ।
विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी द्वारा 29 अगस्त को जारी अधिसूचना में गैर बासमती चावल पर पाबंदी के लिए 20 जुलाई, 2023 की को जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए नया प्रावधान यह किया गया है। इससे 20 जुलाई को पाबंदी लागू होने के दिन एक निश्चित समय के पहले तक बंदरगाहों पर पहुंच चुके माल की खेप को निर्यात के लिए अब जारी किया जा सके ।
अधिसूचना में कहा गया है कि यदि (1) – गैर-बासमती चावल की निर्यात के लिए निकली खेप 20 जुलाई, 2023 को रात 21 बजकर 57 मिनट एक सेंकेड से पहले सीमा शुल्क विभाग की कंप्यूटर प्रणाली में दर्ज हो चुकी थी या उस समय तक सीमा शुल्क केंद्र में प्रवेश कर गयी थी और उसका तिथि तथा समय सहित पुष्ट प्रमाण है तो उसका 30 अक्टूबर तक निर्यात किया जा सकता है ।
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