Rupee Falls in Early Trade: मुंबई : मंगलवार को शुरुआती विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे कमजोर होकर 85.49 पर पहुँच गया। डॉलर की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूती, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी रुपये पर दबाव बना रही हैं। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों की अनिश्चित चाल और निवेशकों की आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर नजरें होने से बाजार में सतर्कता देखी जा रही है।
-विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार
रुपये की यह गिरावट कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मिश्रण है। सोमवार को रुपया 85.39 पर बंद हुआ था, जबकि आज यह 85.49 पर खुला, जो 10 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में आज रुपया सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। इस दौरान डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.86 पर पहुँच गया।

-शेयर बाजार में कमजोरी के संकेत
शेयर बाजार भी कमजोरी के संकेत दे रहा है। बीएसई सेंसेक्स 36.42 अंकों की गिरावट के साथ 81,337.33 पर आ गया, वहीं एनएसई निफ्टी 43.25 अंक फिसलकर 24,673.35 पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी चढ़ी हैं और यह 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है, जो भारत के लिए आयात बिल को प्रभावित कर सकता है।
-बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार से 2,589.47 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। निवेशकों की निगाहें अब भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक पर टिकी हैं, जो 4 जून से शुरू होगी और 6 जून को नीति निर्णय की घोषणा की जाएगी।