मुंबई: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और घरेलू शेयर बाजारों में नरम रुख के कारण मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे गिरकर 83.95 पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण माहौल और यूक्रेन पर रूस के हमलों से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखा गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.91 पर खुला और फिर गिरकर 83.95 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे बढक़र 83.87 पर बंद हुआ था।
इसबीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढक़र 100.89 अंक पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.24 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुद्ध रूप से 483.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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