
Rupee vs Dollar: मुंबई: बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में नजर आया और शुरुआती कारोबार में 19 पैसे टूटकर 85.15 पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की बढ़ती मांग ने घरेलू मुद्रा पर असर डाला है, हालांकि विदेशी निवेश की आवक और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने नुकसान को सीमित किया।

-रुपया 85.15 के स्तर पर खुला
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 85.15 के स्तर पर खुला, जो मंगलवार के 84.96 के बंद भाव की तुलना में 19 पैसे कमजोर है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक फिलहाल सतर्कता बरत रहे हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मांग मजबूत बनी हुई है।
डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.11% की तेजी के साथ 99.34 पर रहा। यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक डॉलर को फिलहाल सुरक्षित निवेश मान रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना है।
हालांकि, सकारात्मक घरेलू संकेतों ने कुछ हद तक रुपये को सपोर्ट देने का काम किया। घरेलू शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली बीएसई सेंसेक्स 165 अंकों की बढ़त के साथ 80,454 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 51 अंकों की तेजी के साथ 24,387 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
-ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 1.11% की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 1.11% की गिरावट दर्ज की गई और यह 63.54 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की बात है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी मंगलवार को 2,385 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जो घरेलू बाजार और मुद्रा दोनों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
डॉलर की वैश्विक मजबूती और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने रुपये को कमजोर किया, लेकिन घरेलू बाजार की मजबूती और एफआईआई की लिवाली से रुपया गिरावट से उबरने का प्रयास कर सकता है। निकट भविष्य में रुपये की दिशा वैश्विक संकेतकों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी।
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