Rupee vs Dollar: मुंबई: घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के मिश्रित प्रभाव के चलते मंगलवार को भारतीय रुपया दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे टूटकर 85.29 पर पहुंच गया। कमजोर घरेलू शेयर बाजार और निवेशकों की सतर्कता ने रुपये पर असर डाला है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से कुछ राहत मिली है।
-GDP डेटा से पहले निवेशकों में सतर्कता
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों विशेषकर अप्रैल महीने के औद्योगिक उत्पादन और पहली तिमाही के जीडीपी ग्रोथ डेटा को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसी कारण रुपये में अस्थिरता देखी जा रही है।
-कारोबार की शुरुआत में ही गिरा रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को रुपया 85.15 पर खुला और कुछ ही समय में फिसलकर 85.29 पर आ गया। यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में 19 पैसे की कमजोरी दर्शाता है। शुक्रवार को रुपया 85.10 पर बंद हुआ था।

-डॉलर इंडेक्स में मामूली नरमी
छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.03% की गिरावट के साथ 98.83 पर रहा। बावजूद इसके, रुपये पर दबाव बना रहा, जो यह दर्शाता है कि घरेलू आर्थिक कारकों की भूमिका इस समय ज्यादा प्रभावशाली है।
-शेयर बाजार में गिरावट
घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत ने भी रुपये की गिरावट को बल दिया। बीएसई सेंसेक्स 465 अंकों की गिरावट के साथ 81,710 पर आ गया, वहीं निफ्टी 149 अंकों की गिरावट के साथ 24,851 पर बंद हुआ। इस कमजोरी का असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी पड़ा।
-कच्चे तेल की कीमतों में राहत
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.26% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 64.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट रुपये के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है, लेकिन इस राहत का असर निवेशकों की सतर्कता के आगे सीमित रहा।