Rupee vs Dollar: मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और सकारात्मकआर्थिक आंकड़ों के बीच भारतीय रुपया बुधवार को 31 पैसे की मजबूती के साथ 85.05 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पिछले कुछ सत्रों में बाजारों की स्थिति और वृहद आर्थिक संकेतक मजबूत होने के कारण रुपये में यह वृद्धि देखी गई है, लेकिन वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी पूंजी की निकासी ने मुद्रा के लाभ को कुछ हद तक सीमित किया है।
रुपया, डॉलर के मुकाबले 85.05 पर खुला, जो कि पिछले सत्र के बंद भाव से 31 पैसे की बढ़त दर्शाता है। शुरुआती कारोबार में यह डॉलर के मुकाबले 85.23 तक भी पहुंचा, लेकिन बाद में कुछ गिरावट देखी गई। मंगलवार को रुपया 85.36 के स्तर पर स्थिर रहा था।
-वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
हालांकि, घरेलू मुद्रा में मजबूती के बावजूद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपये पर दबाव बन सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल ही में 66 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे भारत का व्यापार घाटा और भी बढ़ सकता है। यह स्थिति रुपये की स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर जब कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना हो।

-विदेशी पूंजी और घरेलू बाजार की स्थिति
इसके अलावा, विदेशी पूंजी की निकासी ने रुपये की बढ़त को कुछ हद तक सीमित किया है। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 476.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके बावजूद, घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। बीएसई सेंसेक्स 250.80 अंक की बढ़त के साथ 81,399.02 अंक पर और निफ्टी 58.45 अंक चढ़कर 24,636.80 अंक पर बंद हुआ।
-मुद्रास्फीति की स्थिति और रिजर्व बैंक की नीति
अप्रैल महीने में खुदरा मुद्रास्फीति की दर में गिरावट आने से रुपये को कुछ समर्थन मिला है। सब्जियों, फलों और दालों की कीमतों में नरमी आने के कारण अप्रैल में मुद्रास्फीति 3.16 प्रतिशत तक गिर गई, जो कि लगभग छह साल का सबसे निचला स्तर है। इस नरमी से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में और कटौती करने की गुंजाइश मिल सकती है, जो रुपये के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
-अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं का प्रदर्शन
इस बीच, अमेरिकी डॉलर का सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.95 पर रहा। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत में भी 0.54 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 66.27 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रही।